देहरादून, सितम्बर 22 -- Dehradun News: देहरादून, वरिष्ठ संवाददाता। मां नंदा-सुनंदा देवी महोत्सव के आठवें दिन धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। कार्यक्रम में काबीना मंत्री गणेश जोशी भी शामिल हुए। उन्होंने संस्कृति के संरक्षण के लिए इस तरह के आयोजन जरूरी बताए।नित्य पूजन-अर्चना के बाद 'पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की संयोजक बबीता साह लोहनी ने कुमाऊं के पारंपरिक परिधान 'पिछौड़ा' के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्त्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आजकल महिलाएं किसी भी जगह पिछौड़ा पहनकर चली जाती हैं, जबकि यह हमारी पवित्र धरोहर है। इसे केवल पूजा-पाठ, विवाह, नामकरण और जनेऊ जैसे शुभ व मांगलिक कार्यों में ही धारण करना चाहिए। यह भी पढ़ें- लोक संस्कृति के संरक्षण में डॉ. पुरोहित क...