देहरादून, अक्टूबर 28 -- Dehradun News: देहरादून। उत्तराखंड में अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थानों में बिना मान्यता के धार्मिक शिक्षा देना गैर-कानूनी होगा। उल्लंघन पर सरकार पांच लाख रुपये तक का जुर्माना और मुकदमा दर्ज कर सकती है। मुस्लिम मामलों के जानकार खुर्शीद अहमद सिद्दीकी ने सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि यह कानून सभी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों पर समान रूप से लागू हो, क्योंकि वर्तमान में यह सिर्फ मदरसों को निशाना बनाया जा रहा है। मदरसों के अलावा 91 में से मात्र दो संस्थान पंजीकृत हैं और उनमें भी 85 प्रतिशत अल्पसंख्यक विद्यार्थी नहीं हैं। सिद्दीकी ने पाठ्यक्रम और नियमों में एकरूपता की मांग करते हुए कहा कि भेदभाव गैर-कानूनी है। यह भी पढ़ें- गैर-कानूनी धार्मिक शिक्षा पर मदरसे सील और 5 लाख जुर्माना; धामी सरकार ने 9 विधेयक पेश किए साथ ही, उन्ह...