देहरादून, अक्टूबर 9 -- सामुदायिक हैजर्ड मैपिंग से संघर्ष क्षेत्रों की पहचान Dehradun News: रुद्रप्रयाग। मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान के लिए रुद्रप्रयाग वन प्रभाग ग्रामीणों के पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय अनुभवों का सहारा ले रहा है। वन्यजीवों की आवाजाही, पूर्व में हुई घटनाओं और ग्रामीणों की ओर से बताए गए संवेदनशील स्थलों के आधार पर संघर्ष की आशंका वाले क्षेत्रों को चिह्नित किया जा रहा है। इसके लिए शुरू की गई सामुदायिक हैजर्ड मैपिंग की प्रक्रिया को वन प्रभाग भविष्य में भी निरंतर जारी रखेगा। इसका उद्देश्य स्थानीय समुदाय की सहभागिता से संभावित जोखिमों को समय रहते पहचानकर मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए प्रभावी उपाय करना है। वन्यजीव सप्ताह के तहत 2 से 8 अक्टूबर तक उत्तरी एवं दक्षिणी जखोली रेंज के कोटी, डांगी,...