देहरादून, अक्टूबर 9 -- Dehradun News: लक्सर। पितृपक्ष का समापन शनिवार को आश्विन कृष्ण अमावस्या के साथ होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पितरों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि पितृपक्ष के दौरान पृथ्वी लोक पर आए पितृदेव अमावस्या के दिन अपने लोक के लिए विदा होते हैं। इसी कारण इस तिथि को सर्वपितृ अमावस्या भी कहा जाता है। जिन लोगों को अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं है, वे भी इस दिन उनका श्राद्ध कर सकते हैं। यह भी पढ़ें- सर्वपितृ अमावस्या पर दुर्लभ संयोग: 10 अक्टूबर को पितरों की कृपा पाने के लिए जरूर करें ये 5 छोटे उपाय

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