नई दिल्ली, अक्टूबर 3 -- हेमलता कौशिक, नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने डीडीए को संपत्तियों को लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में बदलने के लंबित आवेदनों पर दो महीने में कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि डीडीए 1,373 आवेदकों से 155.06 करोड़ रुपये वसूलने के बावजूद फैसला अटकाए बैठा है। इससे लोग भारी परेशानी झेल रहे हैं। अदालत ने आदेश दिया कि आवेदनों को मौजूदा नीति के अनुसार, निपटाया जाए और भविष्य के लिए नई नीति बनाई जाए। अगली सुनवाई 11 दिसंबर को होगी। दिल्ली हाई कोर्ट ने डीडीए को संपत्तियों को लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में बदलने से जुड़े लंबित आवेदनों पर दो महीने के भीतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इन आवेदनों के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) पहले ही निवासियों से 155.06 करोड़ रुपये वसूल चुका है। अदालत ने कहा कि लंबित आवेदनों पर मौजूद...