दरभंगा, अक्टूबर 16 -- चकौती में दुर्गा पूजा की ऐतिहासिक परंपरा Darbhanga News: विजय कुमार ठाकुर,जाले। दरभंगा, मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी तीन जिलों की सीमा पर बसे विद्वानों की बस्ती के नाम से मशहूर चकौती (कछुआ-चकौती) ग्राम का दुर्गा स्थान केवल पूजा स्थल नहीं, बल्कि इलाके में सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यहां 102 वर्षों से मां दुर्गे की आराधना की अटूट परंपरा चली आ रही है। 103वें दुर्गा पूजनोत्सव को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। ग्रामीण विनोद कुमार झा, अनिल कुमार झा और अरुण कुमार झा बताते हैं कि वर्ष 1924 में स्व. लूटन झा ने अपनी भूमि दान कर मां दुर्गे की पूजा का शुभारंभ किया था। प्रारंभिक पांच वर्षों तक उनके पुत्र अविनाश झा एवं अन्य ग्रामीणों के सहयोग से दुर्गा पूजा और यज्ञ का आयोजन होता रहा। बाद में ग्रामीणों ने सार्वजनिक पूजा ...