दरभंगा, सितम्बर 9 -- Darbhanga News: संजय लाला,दरभंगा। डीएमसीएच के क्षेत्रीय ब्लड बैंक में 'ऑभा साफ्टवेयर' के माध्यम से खून के अवैध कारोबार और प्रोफेशनल रक्तदाताओं के वर्चस्व पर काफी हद तक लगाम लगी है। सॉफ्टवेयर से ब्लड डोनेशन होने से प्रोफेशनल डोनरों की पहचान आसान हो गई। पिछले दो महीनों के दौरान कई ऐसे डोनरों की पहचान की गयी है जो कम अवधि में ही रक्तदान करने पहुंच रहे थे। सीसीटीवी फुटेज से इनकी तस्वीर निकालकर उन्हें प्रोफेशनल डोनर मानते हुए ब्लड बैंक में चिपकाया गया है। डीएमसीएच ब्लड बैंक ने इन्हें रक्तदान करने से भी प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही आम लोगों को ऐसे लोगों से सावधान रहने की अपील की गई। इससे खून के सौदागरों में हड़कंप मचा है और ब्लड की खरीद-फरोख्त में संलग्न सफेदपोश खामोशी से नया रास्ता खोज रहे हैं।

आभा सॉफ्टवेयर की विशेषताएँ ...