नई दिल्ली, सितम्बर 23 -- राजस्थान के निकाय चुनाव में इस बार सिर्फ बोर्ड नहीं बदले हैं, वार्डों में चेहरों की उम्र भी बदली है। प्रदेश के अलग-अलग शहरों और कस्बों में बड़ी संख्या में Gen-Z यानी 29 साल या उससे कम उम्र के युवा चुनाव जीतकर पार्षद बने हैं। खास बात यह है कि इन युवाओं की एंट्री किसी एक पार्टी, शहर या सियासी खेमे तक सीमित नहीं रही। सीएम भजनलाल शर्मा, डिप्टी सीएम दीया कुमारी और राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के इलाके से लेकर सचिन पायलट, गोविंद सिंह डोटासरा और निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी के प्रभाव वाले जिलों तक युवा चेहरों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। सबसे बड़ा सवाल यही है-क्या राजस्थान की स्थानीय राजनीति में नई पीढ़ी दस्तक दे चुकी है?1094 Gen-Z पार्षद, यानी हर 10 में एक युवा राजस्थान में इस बार 10,244 पार्षद पदों के लिए चुनाव हुए। इन...