नई दिल्ली।, सितम्बर 9 -- दिल्ली में हाल ही में पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन हुआ था। इसका नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने की थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने सीजेपी नेताओं से वार्ता कर उनकी तीन प्रमुख मांगें मान ली और इसके बाद छात्रों का आंदोलन खत्म हुआ। छात्र आंदोलन को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया पर अब संयुक्त राष्ट्र ने भी तारीफ की है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने कहा कि युवा नेताओं के साथ बातचीत करना, बल के अत्यधिक इस्तेमाल की तुलना में कहीं ज्यादा असरदार तरीका है। बीते 7 सितंबर को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 63वें सत्र को संबोधित करते हुए तुर्क ने भारत का उदाहरण देते हुए बताया कि सरकारों को सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों और युवाओं के नेतृत्व वाले आंदोलनों पर कैसी प्रतिक्रिया देनी चाहिए। तु...