चित्रकूट, सितम्बर 27 -- Chitrakoot News: चित्रकूट। बरगढ़ कस्बा स्थित कुंथुनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे दस दिवसीय पर्युषण दशलक्षण पर्व का समापन हो गया। आखिरी दिन क्षमावाणी पर्व जैन समाज के लोगों ने मनाया। श्रद्धालुओं ने भगवान का पूजन, अभिषेक व शांतिधारा कर एक-दूसरे से क्षमा मांगी। इसके साथ ही आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। बाल ब्रह्मचारी रमेशचंद्र जैन ने क्षमावाणी पर्व का अर्थ समझाया। कहा कि खुद के द्वारा किया गया सारा पाप निष्फल हो। किसी को भी, मन, वचन या कर्म से दुख पहुंचा हो तो इसके लिए वह क्षमा प्रार्थी है। मन का अहंकार, क्रोध और बैर भाव को त्यागकर एक नए व पवित्र मन के साथ जीवन की शुरुआत करने की प्रेरणा यह पर्व देता है। यह भी पढ़ें- Prayagraj News: श्रद्धा-उल्लास से मनाया क्षमावाणी महापर्व इस अवसर पर जैन धर्मावलंबियों ...