चतरा, जुलाई 24 -- Chatra News: चतरा, प्रतिनिधि। जिले के कई पुराने पुल और पुलिया आज भी लोगों की आवाजाही का मुख्य सहारा बने हुए हैं, लेकिन उनकी जर्जर स्थिति कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। बरसात के मौसम में इन पुल-पुलियों पर खतरा और बढ़ जाता है, बावजूद इसके मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया है। कई स्थानों पर पुल-पुलियों पर बैरिकेडिंग तक नहीं है, जिले का सबसे पुराना और संवेदनशील हेरू नदी पर बना हेरू पुल अंग्रेजों के समय का है। सौ वर्ष से अधिक पुराने इस पुल की हालत लगातार खराब होती जा रही है। यह पुल चतरा, इटखोरी, कान्हाचट्टी, गिद्धौर मयूरहंड और हजारीबाग समेत आसपास के क्षेत्रों की लाइफलाइन माना जाता है। यह भी पढ़ें- Garhwa News: बगैर गार्डवाल और जर्जर पुल हादसे को दे रहे न्योता प्रतिदिन हजारों लोग इसी पुल से आवागमन...