चतरा, सितम्बर 22 -- Chatra News: गिद्धौर, प्रतिनिधि। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से प्रत्येक वर्ष पौधारोपण पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। इसका उद्देश्य वन क्षेत्र का विस्तार करने के साथ पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना है। लेकिन पौधारोपण के बाद समुचित रख रखाव और सुरक्षा के अभाव में सरकारी योजनाओं का लाभ धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। इसका उदाहरण गिद्धौर प्रखंड के रोहमर जंगल में देखने को मिल रहा है। जानकारी के अनुसार कैंप योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 में करीब 50 हेक्टेयर वन भूमि पर सागवान, शीशम, आंवला, बांस समेत दर्जनों प्रजातियों के करीब 10 हजार पौधे लगाए गए थे। पौधारोपण के बाद इनकी सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी विभाग की थी। ग्रामीणों का आरोप है कि पौधारोपण के बाद विभागीय स्तर से निय...