चतरा, अगस्त 24 -- Chatra News: इटखोरी प्रतिनिधि धूना प्रज्ञा पीठ में पुंसवन संस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया । पुंसवन संस्कार का आयोजन डॉ. सुशीला कुमारी "राजराजेश्वरी" के नेतृत्व में किया गया ।पुंसवन संस्कार के मह्त्व को डॉ. सुशीला कुमारी "राजराजेश्वरी" ने बताते हुए कहा कि पुंसवन संस्कार भारतीय संस्कृति की उन महान परंपराओं में से एक है, जिसका उद्देश्य केवल संतान प्राप्ति नहीं, बल्कि स्वस्थ, संस्कारवान, चरित्रवान और श्रेष्ठ व्यक्तित्व वाली संतति का निर्माण है। भारतीय ऋषि-मुनियों ने यह समझा था कि बच्चे का व्यक्तित्व उसके जन्म के बाद ही नहीं, बल्कि गर्भावस्था से ही आकार लेने लगता है। गर्भस्थ शिशु पर माता के विचारों, भावनाओं, आहार-विहार, वातावरण और व्यवहार का गहरा प्रभाव पड़ता है। यह भी पढ़ें- Buxar News: दांपत्य जीवन की पवित्रता से होती है...