चतरा, सितम्बर 19 -- Chatra News: चतरा, प्रतिनिधि। प्रकृति, परंपरा और भाई-बहन के प्रेम का पर्व करमा को लेकर आदिवासी समाज में उत्साह है। पर्व की तैयारियों के बीच चतरा के बाजार में ट्राइबल ज्वेलरी और पारंपरिक परिधानों की मांग नहीं बढ़ी है। खासकर लाल पाढ़ की साड़ी, लहंगा, कुर्ती, धोती और गमछा जैसी पारंपरिक पोशाकों की देखी जा रही है। दुकानदारों के अनुसार चतरा जिले में आदिवासी आबादी अपेक्षाकृत कम होने के कारण करमा पर्व से जुड़े विशेष कपड़ों की मांग सीमित रहती है। ऐसे में स्थानीय कपड़ा कारोबारी इन उत्पादों का नियमित स्टॉक नहीं रखते। थोक कपड़ा व्यापारी सन्नू अग्रवाल ने बताया कि करमा के अवसर पर आदिवासी समाज के कुछ लोग ही विशेष पारंपरिक पोशाकों की खरीदारी करते हैं। यह भी पढ़ें- Simdega News: सिमडेगा में ट्राइबल ज्वेलरी और पारंपरिक परिधानों की माँग काफ़ी क...