नई दिल्ली, मार्च 3 -- 3 मार्च 2026 को फाल्गुन पूर्णिमा पर पड़ने वाला पूर्ण चंद्र ग्रहण देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए विशेष महत्व रखता है। अन्य मंदिरों में ग्रहण के सूतक काल में कपाट बंद हो जाते हैं, लेकिन बैद्यनाथ धाम में सूतक का प्रभाव नहीं पड़ता है। मंदिर के पट ग्रहण काल में ही बंद होते हैं। इस दिन शाम 4 बजे पट बंद होंगे और ग्रहण समाप्त होने के बाद शाम साढ़े सात बजे के आसपास शृंगार पूजा के लिए फिर खुलेंगे। आइए जानते हैं इस अनोखी परंपरा के पीछे के कारण और धार्मिक आधार।बैद्यनाथ धाम में सूतक काल क्यों नहीं लगता? बाबा बैद्यनाथ धाम में चंद्र ग्रहण या सूर्य ग्रहण के सूतक काल का प्रभाव नहीं माना जाता है। इसका मुख्य कारण है कि यहां के ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ के मस्तक पर चंद्रमा स्वयं विराजमान हैं। पुराणों और शास्त्रों के अनुसार, जहां भगव...
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