नई दिल्ली, फरवरी 27 -- हिंदू धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक चंद्र ग्रहण का खास महत्व होता है। इस अशुभ समय माना जाता है। मान्यता है कि ग्रहण के दौरान नकारात्मक शक्तियां काफी हावी होती हैं, जिसकी वजह से कई मांगलिक शुभ कार्य नहीं होते हैं। चंद्र ग्रहण के दौरान मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं। लेकिन देश में कई ऐसे प्राचीन और बड़े मंदिर हैं, जिनके कपाट ग्रहण के दौरान भी खुले रहते हैं। इन्हीं में से एक है उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर, जिसे महाकाल का मंदिर भी कहा जाता है। ग्रहण के दिन कई जगहों पर धुलेंडी पर्व भी मनाने को लेकर कंफ्यूजन है, लेकिन महाकाल मंदिर धुलेंडी पर्व भी न तो मंदिर के कपाट बंद होंगे और ना ही पूजा-आरती रुकेगी। हालांकि इसकी पूजा पद्धति में जरूर बदलाव किए जाएंगे। चलिए जानते हैं कि चंद्र ग्रहण के दिन महाकाल मंदिर में कैसे पूजा...