चंदौली, अक्टूबर 8 -- Chandauli News: पीडीडीयू नगर, संवाददाता। नगर के रस्तोगी गली स्थित एक कॉम्प्लेक्स में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के षष्ठ दिवस बीते बुधवार की शाम चित्रकूट के कथावाचक पंडित अमरनाथ ने रुक्मिणी-कृष्ण विवाह का भावपूर्ण वर्णन कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथावाचक ने बताया कि आनर्त के राजा रैवत की पुत्री रेवती का विवाह बलराम जी से हुआ। रुक्मिणी साक्षात लक्ष्मी स्वरूप और भक्ति का प्रतीक हैं। विदर्भ नरेश भीष्मक के पांच पुत्र रुक्मी, रुक्मरथ, रुक्मबाहु, रुक्मकेश, रुक्ममाली और एक पुत्री रुक्मिणी थीं। देवर्षि नारद से श्रीकृष्ण के रूप-गुण सुनकर रुक्मिणी ने उन्हें मन से पति मान लिया था, वहीं श्रीकृष्ण भी उन्हें पत्नी बनाना चाहते थे। यह भी पढ़ें- Muzaffarnagar News: श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग पर झूमे श्रद्धालु भाई...