चंदौली, अक्टूबर 20 -- Chandauli News: नौगढ़, हिन्दुस्तान संवाद। दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित नव दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के आठवें दिन कथावाचिका राघव प्रिया ओझा ने माता सीता की विदाई ससुराल में मुंह दिखाई वनवास व केवट प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कहा कि रामायण त्याग, समर्पण, प्रेम और मर्यादा की शिक्षा देने वाला महान ग्रंथ है। इसके प्रसंगों से मनुष्य को जीवन जीने की सही दिशा मिलती है। कथावाचिका ने माता सीता की मुंह दिखाई का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि माता कौशल्या ने सीता जी को नौलखा हार भेंट किया। जबकि कैकेयी मैया ने उन्हें कनक भवन दिया। वहीं माता सुमित्रा ने अपने पुत्र लक्ष्मण को प्रभु श्रीराम की सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने माता सीता के कंचन काया स्वरूप का वर्णन करते हुए पारिवारिक प्रेम और समर्पण की महत्ता को बतलाया। कहा कि मंद...