चंदौली, अक्टूबर 29 -- Chandauli News: चंदौली। संवाददाता मतदाता सूची के पुनरीक्षण और शुद्धि कार्य को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मतदाता सूची में नाम जोड़ने अथवा हटाने के संबंध में किसी भी प्रकार की झूठी घोषणा या बयानबाजी भारी पड़ सकती है। इसमें लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत एक साल की जेल की हवा खानी पड़ सकती है। साथ ही जुर्माना एवं अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी लखनऊ के निर्देशानुसार यदि कोई व्यक्ति किसी निर्वाचक नामावली की तैयारी, पुनरीक्षण या शुद्धि के दौरान अथवा किसी प्रविष्टि को निर्वाचक नामावली में शामिल करने, हटाने के संबंध में लिखित रूप में कोई ऐसा घोषणा करता है जो असत्य है। ऐसा कृत्य गंभीर अपराध की श्रेणी में आएगा। उन्होंने कहा...