चक्रधरपुर, जुलाई 24 -- Chakradharpur News: बंदगांव। "मत जाओ... बाहर कमाने मत जाओ..." पत्नी मंगरी बरजो और बेटे दयाल बरजो ने सिक्किम जाने से पहले मसीह बरजो को बहुत रोका था। लेकिन परिवार की गरीबी और बच्चों के भविष्य की चिंता ने मसीह के कदम रोकने नहीं दिए। उसने बस इतना कहा था - "अगर मैं नहीं जाऊंगा, तो तुम लोगों का पेट कैसे भरेगा..."मसीह बरजो परिवार का पेट भरने और बच्चों की जिंदगी संवारने का सपना लेकर घर से निकला था। लेकिन किसे पता था कि रोजी-रोटी की तलाश में घर से निकला यह गरीब मजदूर कभी वापस नहीं लौटेगा। अब वही हाथ, जो परिवार के लिए मेहनत करते थे, हमेशा के लिए शांत हो गए हैं। जिस व्यक्ति के भरोसे घर का चूल्हा जलता था, अब उसकी मौत के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल है- आखिर पेट कैसे भरेगा? यह भी पढ़ें- आज तिलैया बस्ती लाया जाएगा सिक्किम टन...