ज्योतिर्विद डॉ पं दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली, मार्च 9 -- चैत्र अर्थात वासंतिक नवरात्र में माता भगवती का घरों में आगमन इस वर्ष डोला अर्थात पालकी पर सवार होकर होगा तथा गज अर्थात हाथी पर सवार होकर जाएंगी । उत्थान ज्योतिष एवं आध्यत्म संस्थान के निदेशक ज्योतिर्विद डॉ पं दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली ने बताया कि चैत्र अर्थात वासंतिक नवरात्र के साथ ही साथ नवसंवत्सर 2083 अर्थात हिंदू नव वर्ष का आरंभ भी होता है। वासंतिक नवरात्र के साथ रौद्र नामक नव संवत्सर का भी आरंभ 19 मार्च दिन गुरुवार से होगा। रौद्र नामक इस नव संवत्सर के राजा गुरु एवं मंत्री मंगल होंगे।नौ दिन के हैं नवरात्रि वासंतिक नवरात्र का शुभारंभ 19 मार्च 2026 दिन गुरुवार को तथा समापन 27 मार्च दिन शुक्रवार को होगा। चैत्र माह में पड़ने के कारण इस नवरात्र को चैत्र कहा जाता है। चैत्र नवरात्र के अ...