नई दिल्ली, मार्च 12 -- फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से इस बार चैत्र नवरात्रि शुरू हो रहे हैं। इन नवरात्रि को वासंतिक नवरात्र भी कहा जाता है। नवरात्र 19 मार्च से शुरू होंगे और 27 मार्च को भगवान राम के जन्मोत्सव रामनवी के तौर पर समाप्त होंगे। चैत्र नवरात्र को इसलिए भी खास माना जाता है क्योंकि इसी दिन से हिंदू नववर्ष का भी आरंभ माना जाता है। पुराणों के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन ही सृष्टि की रचना हुई थी। इसलिए नवरात्र में लोग नया कार्य जैसे ग्रह प्रवेश , कंछेदन, विवाह पक्का करना आदि रस्में आदि किए जाते हैं। लेकिन इस बार ऐसा करना मुश्किल लग रहा है। ज्योतिषियों ने इन नवरात्र में शुभ कार्य ना करने की सलाह दी है। ज्योतिषियों की मानें तो इन नवरात्र में शुभ कार्य करने से बचें। आइए जानते हैं, इन नवरात्र में क्यों नहीं कर पाएंगे शुभ...
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