नई दिल्ली, मार्च 15 -- चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का सबसे पवित्र पर्व है, जिसमें नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है। भक्त व्रत, जप, पूजा और कथा के माध्यम से माता रानी की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। शास्त्रों और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि में माता दुर्गा का आगमन और प्रस्थान किस वाहन पर होता है, यह घटस्थापना के दिन पर निर्भर करता है। इस वाहन का चयन ना केवल आध्यात्मिक महत्व रखता है, बल्कि प्राकृतिक, राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों पर भी प्रभाव डालता है। साल 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च गुरुवार से हो रही है, जिससे माता का वाहन डोली (पालकी) निर्धारित हुआ है। आइए विस्तार से जानते हैं इस आध्यत्मिक परंपरा के बारे में।नवरात्रि में माता के वाहन का महत्व हिंदू ज्योतिष और पुराणों मे...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.