नई दिल्ली, मार्च 22 -- चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। 2026 में यह दिन 23 मार्च, दिन - सोमवार को पड़ रहा है। स्कंदमाता मां दुर्गा की करुणामयी और मातृत्वपूर्ण शक्ति हैं, जिनकी गोद में बाल रूप में भगवान कार्तिकेय (स्कंद) विराजमान हैं। इनकी पूजा से संतान सुख, एकाग्रता, भयमुक्ति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। आइए जानते हैं मां स्कंदमाता के स्वरूप, महत्व, पूजा विधि और विशेष मंत्रों के बारे में।मां स्कंदमाता का स्वरूप और महत्व मां स्कंदमाता का स्वरूप अत्यंत करुणामयी और कल्याणकारी है। इनकी चार भुजाएं हैं - दो हाथों में कमल पुष्प, एक हाथ में बाल स्कंद (कार्तिकेय) और एक हाथ वर मुद्रा में। मां कमल के आसन पर विराजमान हैं, इसलिए इन्हें पद्मासना भी कहा जाता है। इनका वाहन सिंह है। स्कंद...
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