नई दिल्ली, मार्च 23 -- चैत्र नवरात्रि का छठा दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी को समर्पित है। 2026 में यह दिन कल 24 मार्च को पड़ रहा है। देवी भागवत पुराण और अन्य देवी पुराणों में मां कात्यायनी को आदिशक्ति का अत्यंत शक्तिशाली रूप बताया गया है। इनकी उपासना से भक्तों को साहस, धर्मयुद्ध में विजय, शत्रु नाश और मनोकामनाओं की पूर्ति प्राप्त होती है। आइए जानते हैं मां कात्यायनी की पूजा विधि, भोग, मंत्र और महत्व।मां कात्यायनी का स्वरूप और महत्व मां कात्यायनी का स्वरूप दिव्य और तेजस्वी है। इनका वर्ण स्वर्ण के समान चमकीला है। ये सिंह पर विराजमान रहती हैं और चार भुजाओं वाली हैं। एक हाथ में तलवार, दूसरे में कमल, तीसरे में अभय मुद्रा और चौथे में वर मुद्रा है। देवी भागवत पुराण में इनका वर्णन युद्धशील और दानवघातिनी के रूप में किया गया है। महर्षि...