नई दिल्ली, मार्च 24 -- नवरात्रि के छठे दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। यह दिन साहस, विजय और शक्ति प्राप्ति के लिए विशेष महत्व रखता है। मां कात्यायनी की उपासना से भक्तों को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति में सफलता मिलती है तथा सुयोग्य जीवनसाथी की प्राप्ति भी होती है। चैत्र नवरात्रि 2026 में छठा दिन 24 मार्च 2026 को यानी आज है। आइए जानते हैं मां कात्यायनी की पूजा विधि, मंत्र, भोग, कथा और महत्व।मां कात्यायनी का स्वरूप मां कात्यायनी का वर्ण सुनहरा (स्वर्णिम) है। माता की चार भुजाएं हैं और वे रत्नों से सुशोभित रहती हैं। वे शेर (सिंह) पर सवार होती हैं। उनके दाहिने ऊपरी हाथ में अभय मुद्रा है, जो भक्तों को आशीर्वाद देती है। नीचे वाला दाहिना हाथ वर मुद्रा में है। बाएं ऊपरी हाथ में चंद्रहास नामक तलवार है, जबकि नी...
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