नई दिल्ली, मार्च 23 -- 23 मार्च 2026 को चैत्र नवरात्रि का आज पांचवा दिन है। आज मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। मां स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता हैं और सिंह पर विराजमान रहती हैं। इनकी पूजा से मातृत्व सुख, शांति, भयमुक्ति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। चैत्र नवरात्रि में आज पांचवा दिन मां स्कंदमाता को समर्पित है। इनकी आराधना से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और भक्तों को मां की विशेष कृपा मिलती है। आइए जानते हैं मां स्कंदमाता की पूजा विधि, मंत्र, भोग और पौराणिक कथा।मां स्कंदमाता का स्वरूप और महत्व मां स्कंदमाता चार भुजाओं वाली हैं। इनकी दो भुजाओं में कमल पुष्प हैं, एक भुजा से वे बाल स्कंद (कार्तिकेय) को गोद में लिए हुए हैं और चौथी भुजा में वर मुद्रा है। ये सिंह पर विराजमान हैं। मां स्कंदमाता...
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