नई दिल्ली, मार्च 18 -- चैत्र नवरात्रि 19 मार्च 2026 से शुरू हो रही है। नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है। मां शैलपुत्री हिमालय की पुत्री हैं, इसलिए उन्हें शैलपुत्री कहा जाता है। वे शक्ति, स्थिरता और मूल ऊर्जा की प्रतीक हैं। इनकी आराधना से भक्तों को मनोकामना पूर्ति, साहस, स्वास्थ्य और धन की प्राप्ति होती है। पहले दिन की पूजा से पूरे नवरात्रि का फल मिलता है। आइए जानते हैं मां शैलपुत्री की पूजा विधि, मंत्र और महत्व।मां शैलपुत्री का स्वरूप और महत्व मां शैलपुत्री सफेद वस्त्र धारण करती हैं। उनका वाहन वृषभ है। दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल पुष्प है। उनका स्वरूप शांत और तेजस्वी है। मां शैलपुत्री मूलाधार चक्र की देवी हैं। इनकी पूजा से मूलाधार चक्र जागृत होता है और व्यक्ति में स्थिरता, आत्मविश्वास और शक्ति का संचार ...
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