नई दिल्ली, मार्च 13 -- चैत्र नवरात्रि का पर्व बेहद खास होता है। इस बार चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च 2026 से हो रही है। इस दौरान देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि के दौरान कलश स्थापना के साथ जौ या जवारे बोने की परंपरा बहुत पुरानी है। मान्यता है कि जवारे के बिना मां दुर्गा की पूजा अधूरी मानी जाती है। मान्यता है कि जौ सृष्टि की पहली फसल मानी जाती है और देवी पूजा में इसे पवित्र माना जाता है। साथ ही नवरात्रि में उगने वाले जवारे भविष्य के शुभ-अशुभ संकेत भी देते हैं। जवारे का महत्वधार्मिक परंपराओं के अनुसार नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि पर सबसे पहले कलश स्थापना की जाती है। इसके बाद पूजा स्थल पर मिट्टी के पात्र में जौ या जवारे बोने की परंपरा निभाई जाती है। मान्यता है कि धार्मिक ग्रंथों में जौ को सृष्टि की सबस...