नई दिल्ली, मार्च 16 -- हिंदू धर्म में हर अमावस्या का विशेष महत्व है, लेकिन चैत्र मास की कृष्ण पक्ष अमावस्या को पितरों की शांति और आशीर्वाद से जोड़ा जाता है। इस दिन तर्पण, दान और पितृ पूजन से पितृ दोष दूर होते हैं और जीवन में सुख-शांति आती है। इस अमावस्या को भूतड़ी अमावस्या भी कहा जाता है। साल 2026 में चैत्र अमावस्या 18 मार्च, दिन - बुधवार को सुबह 8:25 बजे से शुरू होकर 19 मार्च, दिन - गुरुवार को सुबह 6:52 बजे तक रहेगी। अमावस्या का तर्पण और श्राद्ध 18 मार्च को ही किया जाएगा। आइए जानते हैं इस अमावस्या का महत्व और भूतड़ी अमावस्या नाम पड़ने का कारण।चैत्र अमावस्या 2026 की तिथि और महत्व पंचांग के अनुसार, चैत्र कृष्ण अमावस्या 18 मार्च 2026 को प्रारंभ होगी और 19 मार्च तक रहेगी। इस दिन पितरों का स्मरण, स्नान, तर्पण और दान करने से पूर्वज संतुष्ट होते...
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