नई दिल्ली, मार्च 8 -- चैत्र अमावस्या हिंदू धर्म में कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि है, जिसे दार्श अमावस्या या चैत्र अमावस्या कहा जाता है। यह पितरों को समर्पित दिन है और इसके अगले दिन से हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होती है। चैत्र अमावस्या के दिन पितृ तर्पण, स्नान-दान और विशेष अनुष्ठान करने से पितर प्रसन्न होते हैं, पितृ दोष दूर होता है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है। वैदिक पंचांगों के अनुसार, यह तिथि पाप नाश और पुण्य प्राप्ति के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है। आइए 2026 में इसकी सही तिथि, महत्व और विधि जानते हैं।चैत्र अमावस्या 2026 की सही तिथि और समय वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 18 मार्च 2026, दिन- बुधवार को सुबह 8:25 बजे शुरू होगी और 19 मार्च 2026, दिन - गुरुवार को सुबह 6:52 बजे समाप्त होगी। चैत...
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