चाईबासा, सितम्बर 16 -- Chaibasa News: चाईबासा, संवाददाता। गांव की महिलाओं का हुनर जब बाजार से जुड़ता है, तो आत्मनिर्भरता केवल एक सपना नहीं, बल्कि आर्थिक बदलाव की मजबूत नींव बन जाती है। पश्चिमी सिंहभूम में ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, कौशल और उद्यमशीलता को व्यापक बाजार से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन एवं झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी की पहल को मंगलवार को एक नई गति मिली। पलाश के पश्चिमी सिंहभूम जिला कार्यालय में सीएससी ग्रामीण ई-स्टोर एवं मटकोबेड़ा आजीविका संकुल संगठन सह नोटबुक निर्माण इकाई, खूंटपानी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता मटकोबेड़ा की दीदियों द्वारा तैयार गुणवत्तापूर्ण नोटबुक को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह भी पढ़ें- ग्लोबल मार्केट में दिग्गज कंपनियों को टक्कर देंगी यूपी की...