चाईबासा, जुलाई 19 -- Chaibasa News: चाईबासा। झारखंड आंदोलनकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता नजर हुसैन पलटन ने कहा कि मंझगांव की घटना काफी चिंतनीय एवं निंदनीय है। इसका निपटारा सिर्फ दोनों पक्षों के आपसी तालमेल से हो महासभा के देखरेख में किया जा सकता है। प्रशासन के समक्ष यह मामला ले जाने से अच्छा है कि, हो महासभा के बीच रखना चाहिए। क्योंकि हो महासभा में समझदार लोग हैं जो सही न्याय और निर्णय ले सकते हैं। आपसी समझौता और सौहार्द वातावरण के लिए हो महासभा से उचित और कोई प्लेटफॉर्म नहीं है। स्थानीय मुस्लिम समाज को समझने की जरूरत है। अंजुमन इस्लामिया को अपनी ओर से हो महासभा से आपसी बैठक करने का प्रस्ताव दिया जाना चाहिए। यह भी पढ़ें- मझगांव छात्र विवाद को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप हो महासभा के बुद्धिजीवि ईपील सामद, गब्बर सिंह हेम्ब्रम और तियु की समझदा...