नई दिल्ली, जुलाई 10 -- एक तरफ स्कूलों में नया एकेडमिक सेशन अपनी पूरी रफ्तार पकड़ चुका है, तो दूसरी तरफ करीब 6.68 लाख बच्चे अब भी अपने मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन पर टकटकी लगाए बैठे हैं। इंतजार है तो बस एक नोटिफिकेशन का। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) के 10वीं क्लास के सेकंड बोर्ड एग्जाम को खत्म हुए लगभग 50 दिन हो चुके हैं। लेकिन रिजल्ट का अभी तक कहीं कोई नामोनिशान नहीं है। छात्र रोज सुबह इस उम्मीद के साथ उठते हैं कि शायद आज नतीजे आ जाएं, लेकिन शाम होते-होते उनके हाथ सिर्फ निराशा ही लगती है। सोशल मीडिया पोस्ट पर गौर करें तो यह देरी अब महज एक इंतजार नहीं रही, बल्कि बच्चों के लिए एक मानसिक प्रताड़ना बन चुकी है, जिसने उनके आगे की पढ़ाई और करियर पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।क्या है पूरा मामला? इस साल CBSE ने अपने एग्जामिनेशन...