नई दिल्ली, जुलाई 5 -- एक वक्त था जब माता-पिता अपने बच्चों का दाखिला घर के पास वाले किसी भी अच्छे स्कूल में करवा देते थे। तब जिंदगी इतनी पेचीदा नहीं थी और न ही पढ़ाई का इतना ज्यादा प्रेशर होता था। लेकिन आज के दौर में हालात बिल्कुल बदल चुके हैं। कॉम्पिटिशन आसमान छू रहा है और हर मां-बाप अपने बच्चे को दुनिया की इस तेज रफ्तार दौड़ में सबसे आगे देखना चाहते हैं। इसी वजह से स्कूल चुनने से पहले तमाम बातों पर बारीकी से गौर किया जाता है। स्कूल की बिल्डिंग, वहां के टीचर्स और सुविधाओं के साथ-साथ जो एक चीज पैरेंट्स का सबसे ज्यादा दिमाग खपाती है, वो है स्कूल का बोर्ड। भारत में कई तरह के एजुकेशन बोर्ड मौजूद हैं, लेकिन आजकल सबसे ज्यादा बहस सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) और इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (IB) को लेकर होती है। अगर आप भी उन पैरेंट्स में से है...