इंदौर, जनवरी 3 -- मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से लोगों की सिलसिलेवार मौत के लिए वाटर सप्लाई सिस्टम की गड़बड़ियों को जिम्मेदार ठहराते हुए एक एनजीओ ने शनिवार को दावा किया कि यह त्रासदी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की 2019 की रिपोर्ट की अनदेखी का नतीजा है। संगठन के मुताबिक इस रिपोर्ट में देश के सबसे स्वच्छ शहर के पेयजल सप्लाई सिस्टम की गड़बड़ियों को लेकर गंभीर खुलासे किए गए थे। 'जन स्वास्थ्य अभियान मध्यप्रदेश' के संयोजक अमूल्य निधि ने कहा, इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हो रहीं मौतें व्यवस्थागत कमजोरियों और सालों से ज्ञात कमियों के साथ ही कैग की 2019 की एक रिपोर्ट के गंभीर खुलासों को अनदेखा करने का नतीजा है। यह भी पढ़ें: इंदौर के बाद अब उज्जैन में दूषित पानी की शिकायत से हड़कंप, 265 परिवारों के स्वास्थ्य पर खतरा नि...