बुलंदशहर, सितम्बर 2 -- Bulandsehar News: ग्राम चिंगरावली स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास पंडित अर्जुनकृष्ण भारद्वाज ने भगवान के विभिन्न अवतारों का वर्णन करते हुए शुकदेव महाराज के जन्म और उन्हें सात दिन में मृत्यु का श्राप मिलने की अद्भुत कथा सुनाई। जन्म कथा सुनते हुए कहा कि महर्षि वेदव्यास के तप और भगवान शिव के आशीर्वाद से माता वाटिका के गर्भ से शुकदेव का जन्म हआ। जन्म लेते ही शुकदेव जी 12 वर्ष के बालक के समान तेजस्वी रूप में प्रकट हुए और माया से निर्लिप्त होकर वन की ओर चल दिए। इस दौरान उन्होंने सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कथा प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और पूरे कथा पंडाल में भक्तिमय वातावरण बना रहा।

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