बुलंदशहर, अक्टूबर 2 -- Bulandsehar News: श्री जय शिव निष्काम सेवा मंडल के तत्वावधान में आयोजित 31वें वार्षिक उत्सव के अवसर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालु उमड़ पड़े।

आध्यात्मिक ज्ञान कथा व्यास आचार्य अतुल कृष्ण महाराज ने कहा कि संसार में रहते हुए अपने सभी गृहस्थ दायित्वों को पूरा करने के साथ-साथ ध्यान सदैव प्रभु के श्री चरणों में होना चाहिए। क्योंकि इससे ही मानव जीवन का कल्याण संभव है। उन्होंने राजा जनक व सुखदेव मुनि के तेल के कटोरे वाले प्रसंग का उदाहरण दिया और बताया कि जैसे ध्यान केवल कटोरे पर केंद्रित था। वैसे ही मनुष्य का ध्यान भी प्रभु चरणों में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीव के समस्त दुखों का मुख्य कारण उसका अनियंत्रित मन है। इसलिए मन पर नियंत्रण पाना अत्यंत आवश्यक है। इसके पश्चात उन्होंने गोकर्ण और धुंधकारी की म...