बुलंदशहर, जुलाई 16 -- Bulandsehar News: गांव भटौना में दगड़े वाले बाबा के मंदिर पर चल रही शिव महापुराण की कथा के तीसरे दिन खेरेश्वर धाम अलीगढ़ से पधारे पं. कौशल कृष्ण शास्त्री ने बताया कि भगवान विष्णु के उपासक होने पर भी नारद ने शिव कथा को श्रवण किया। नारद के कामदेव के जीतने के मिथ्या अभिमान को श्री हरि ने माया से रची हुई विश्वमोहिनी के द्वारा नष्ट किया। इस कारण नारद ने विष्णु को श्राप दिया। कहा आपको भी मानव रूप में जन्म लेना पड़ेगा और आपको भी स्त्री विरह में रोना पड़ेगा। मेरा बंदर जैसा मुंह किया अतः बंदर ही आपकी सहायता करेंगे। ज़ब हरि ने माया को दूर किया तब नारद को अपनी भूल का अहसास हुआ। उन्होंने हरि से अपने पापों को दूर करने के लिए उपाय मांगा। हरि ने शिव जी के सौ नाम जपने व शिव कथा सुनने का सुझाव दिया। बताया कि जुआ खेलने वाला गुणनिधि कैसे श...