नई दिल्ली, मई 16 -- सुबह का वह पवित्र समय, जब लगभग पूरा संसार अभी सोया हुआ होता है और प्रकृति शांतिपूर्ण होती है, ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है। सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटे पहले शुरू होने वाला यह समय (सुबह करीब 3:30 से 5:30 के बीच) आध्यात्मिक, मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हिंदू शास्त्रों में इसे अमृतवेला भी कहा जाता है, क्योंकि इस दौरान की गई साधना का फल कई गुना बढ़ जाता है।ब्रह्म मुहूर्त क्या है? ब्रह्म मुहूर्त वह समय है, जब ब्रह्मा जी की ऊर्जा पूरे वातावरण में व्याप्त होती है। शास्त्रों के अनुसार, सूर्योदय से 48 मिनट पहले से 48 मिनट बाद तक का समय ब्रह्म मुहूर्त है, लेकिन मुख्य रूप से सूर्योदय से डेढ़ घंटे पहले का समय सबसे उत्तम होता है। इस दौरान वातावरण में सतोगुण की प्रधानता रहती है, मन शांत होता है और एकाग्रता स्वा...