बोकारो, जुलाई 28 -- Bokaro News: 84 साल के जिस उम्र में किसी बुजुर्ग को घर में आराम करने की जरूरत होती है, वह अपने पैसे के लिए बैंक का चक्कर काट रहा है। चंद्रपुरा के तरंगा के रेहवा निवासी लालमन महतो कभी बीसीसीएल दुग्दा कोल वाशरी के कर्मचारी थे। मगर आज आर्थिक रूप से काफी कमजोर हो चुके हैं। उनके खाते में हर महीने पेंशन की राशि तो आ रही है पर बैंक की वजह से पिछले एक साल से उसकी निकासी नहीं हो पा रही है। लालमन ने बताया कि नौकरी में रहते कभी पैसे की कमी नहीं हुई। रिटायरमेंट के बाद बड़े बेटे दासो महतो ने जीविकोपार्जन के लिए लालमन से ट्रैक्टर लेने को कहा। पर्याप्त नकद नहीं रहने पर बीओआई दुग्दा शाखा से फाईनेंस कराया। बेटे दासो ने 3 साल तक ट्रैक्टर चलाया। अचानक बेटे की मौत के बाद ट्रैक्टर खड़ा हो गया। शेष किस्त का पैसा जमा नहीं होने से किस्त की राशि...