बोकारो, अक्टूबर 30 -- Bokaro News: नावाडीह, प्रतिनिधि। प्रखंड के पोटसो पंचायत अंतर्गत खुंटा बस्ती में मां काली की पूजा की परंपरा करीब 86 वर्षों से चली आ रही है। यहां वर्ष 1940 से मां काली की पूजा की जा रही है। पूजा की शुरुआत की कहानी भी श्रद्धा और आस्था से जुड़ी है। बताया जाता है कि हेमलाल सिंह और सूचीवान सिंह जगन्नाथ पुरी की तीर्थ यात्रा पर गए थे। यात्रा से लौटने के बाद हेमलाल सिंह को सपने में मां काली का दर्शन मिला था। जिसके बाद मां काली की पूजा शुरू की गई। धीरे-धीरे यह पूजा ग्रामीणों की आस्था का केंद्र बन गया और परंपरा पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ती रही। ग्रामीणों के सहयोग से वर्ष 1985 में काली मंडप का निर्माण कराया गया। इसके बाद पूजा का आयोजन व्यवस्थित रूप से होने लगा, जो आज भी जारी है।

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