Bokaro News: कसमार : कई गांव में आज भी कायम है कंधे पर मूर्ति ढोने की प्राचीन परंपरा
बोकारो, अक्टूबर 15 -- Bokaro News: कसमार । शेखर शरदेंदु बदलते दौर के साथ दुर्गापूजा के स्वरूप में भी तेजी से बदलाव आया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब शहरों की तर्ज पर आकर्षक पूजा पंडाल, विद्युत सज्जा, डीजे और आधुनिक संसाधनों का इस्तेमाल आम हो गया है। प्रतिमा विसर्जन में भी ट्रैक्टर, पिकअप व बड़े वाहनों का उपयोग होने लगा है। लेकिन इन बदलावों के बीच कसमार प्रखंड के कुछ गांव आज भी अपनी पुरानी परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए हैं। यहां दुर्गा प्रतिमा को कंधे पर रखकर जलाशय तक ले जाकर विसर्जित करने की परंपरा आज भी कायम है। कसमार प्रखंड मुख्यालय से सटे धधकिया तथा गर्री स्थित चौबे परिवार के निजी दुर्गा मंदिर, मंजुरा समेत अन्य कई गांव में विजयादशमी के बाद प्रतिमा विसर्जन का दृश्य आज भी परंपरा और आस्था का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है। यह ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.