बोकारो, सितम्बर 11 -- Bokaro News: चास, प्रतिनिधि। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड-14 और 15 में स्थित भोलूरबांध तालाब अतिक्रमण और प्रदूषण की दोहरी मार झेल रहा है। घनी आबादी के बीच स्थित यह तालाब आसपास के कई परिवारों के लिए आज भी महत्वपूर्ण जलस्रोत है। इसके बावजूद तालाब का अस्तित्व लगातार सिमटता जा रहा है। तालाब की जमीन पर मकान समेत अन्य निर्माण होने से जलक्षेत्र कम हो रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकारी और नगर निगम की उदासीनता के कारण तालाब संरक्षण की योजनाएं धरातल पर नहीं उतर पा रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार आसपास के मोहल्लों के अलावा अस्पतालों से निकलने वाला मेडिकल कचरा भी तालाब में फेंका जा रहा है। तालाब के किनारे इस्तेमाल की गयी सिरिंज, दवाइयों के पैकेट और अन्य चिकित्सीय अपशिष्ट दिखाई देते हैं। इससे तालाब का पानी प्रदूषित होने के ...