बिजनौर, सितम्बर 28 -- Bijnor News: सतपुरुष बाबा फुलसंदे वालों ने कहा कि अपने बड़ों के प्रति आदर श्रद्धा भाव को की अभिव्यक्ति को ही श्राद्ध कहा जाता है। वेदों में भी पितृ सूक्त प्राप्त होते हैं। छोटे के प्रति स्नेह एवं बड़ों के प्रति आदर भाव रखने से पूर्वजों का अमृत आशीष प्राप्त होता है। रविवार को नहटौर के फुलसंदा स्थित आश्रम में भारी बारिश के दौरान काफी संख्या में श्रावक उपस्थित रहे। प्रवचन करते हुए सतपुरुष बाबा फुलसंदे वालों ने कहा कि सनातन में यह विश्वास है कि पितृ पक्ष में हमारे पूर्वज अपने परिजनों से मिलने आते हैं। इस संसार में जो हमारे जीवित बड़े माता-पिता है उनके चरणों में जब हम प्रणाम करते हैं तो हमें पूर्वजों की कृपा भी प्राप्त होती है। यह भी पढ़ें- Bagpat News: अज्ञानता मनुष्य के दुख का कारण : आचार्य विनोद शास्त्री हमें अपने पूर्...