बिजनौर, अक्टूबर 7 -- Bijnor News: हर्सवाड़ा स्थित जामा मस्जिद में शादी-ब्याह में बढ़ती गैरजरूरी रस्मों, फिजूलखर्ची और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ इस्लाह-ए-मुआशरा - इजलास-ए-आम आयोजित किया। इसमें निकाह को आसान, सादा और सुन्नत के अनुरूप बनाने तथा अनावश्यक खर्च से बचने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता मौलाना मुफ्ती मुहम्मद रिफाकत ने शादी-ब्याह में बढ़ती गैरजरूरी रस्मों और फिजूलखर्ची पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शादी जैसे महत्वपूर्ण अवसर को दिखावे और अनावश्यक खर्च का माध्यम बनाने के बजाय सादगी अपनाई जानी चाहिए। विवाह समारोह में होने वाले गैरजरूरी खर्च को बच्चों की शिक्षा, उनके भविष्य और परिवार की आर्थिक मजबूती के लिए बचाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से निकाह को आसान बनाने और ऐसी रस्मों से दूर रहने की अपील की, जिनसे परिवारों पर आर्थिक...