बिजनौर, सितम्बर 20 -- Bijnor News: दिगंबर जैन पंचायती एवं सरजयती मंदिर में चल रहे दशलक्षण पर्व के पांचवें दिन उत्तम सत्य धर्म पर चर्चा की गई। रविवार को दशलक्षण पर्व के पांचवें दिन उत्तम सत्य धर्म श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर रुकमणि जैन ने उत्तम सत्य धर्म का महत्व बताया। कहा कि हर परिस्थिति में मन, वचन और शरीर से सत्य का आचरण करना ही उत्तम सत्य है। झूठ, फरेब, दिखावा और ठगी के भावों से दूर रहकर जीवन में सच्चाई को अपनाना चाहिए। सत्य के आचरण से आत्मा निर्मल होती है तथा मन को सच्ची शांति और प्रसन्नता प्राप्त होती है। श्रीजी की वेदी पर सामूहिक अभिषेक किया गया। भगवान शांतिनाथ पर शांतिधारा पुनीत जैन एवं गौरी जैन परिवार की ओर से की गई। इसके बाद भगवान पार्श्वनाथ, भगवान सुपार्श्वनाथ, देव-शास्त्र-गुरु तथा चौबीसी (24 तीर्थंकर) की ...