बिजनौर, सितम्बर 20 -- Bijnor News: जिले में आतिशबाजी और पटाखा निर्माण से जुड़े हादसे कोई नई बात नहीं हैं। पिछले कुछ वर्षों में पटाखा फैक्ट्रियों में हुए विस्फोट और आग की घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी है। अब शेरकोट के वाजिदपुर क्षेत्र में आतिशबाजी के कचरे में हुए हादसे में दो बच्चों के गंभीर रूप से झुलसने की घटना ने एक बार फिर पटाखा निर्माण और उसके कचरे के सुरक्षित निस्तारण पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते कई वर्षों में जिले में पटाखा फैक्ट्रियों में हुए विस्फोट की घटनाओं में जान-मान की हानि हुई है। जरा सी लापरवाही के चलते कई बड़े हादसें हुए है। शेरकोट में हुआ हादसा आतिशबाजी का बचा कचरा से हुआ सामने आया है। लगातार सामने आ रहे हादसों से पटाखा निर्माण के साथ-साथ बचे हुए बारूद और आतिशबाजी के कचरे के सुरक्षित निस्तारण का मुद्दा भी महत्वपूर्ण हो...