बिजनौर, सितम्बर 24 -- Bijnor News: श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर बिजनौर में दश लक्षण महापर्व का नवां दिन बड़ी धूमधाम एवं उत्साह से मनाया गया। दशलक्षण महापर्व के नौवें दिन उत्तम आकिंचन धर्म पर धार्मिक चर्चा करते हुए वक्ताओं ने अपने विचार रखें तथा बताया कि उत्तम आकिंचन का अर्थ है जिसके मन वचन और काया से परिग्रह ,संग्रह की भावना पूर्णत: समाप्त हो जाए। जो 'मेरा' और 'तेरा' का भाव छोड़कर आवश्यकता भर तक ही ग्रहण करता है और अधिक संग्रह की चिंता नहीं करता वही आकिंचन कहलाता है। ऐसा साधक लोक, मोह और संग्रह की फांस से मुक्त होकर सरल जीवन जीता है। यह भी पढ़ें- Bijnor News: दशलक्षण पर्व: ममत्व के परित्याग को कहते हैं आकिंचन मन जितना निर्लिप्त आत्मा उतनी ही स्वतंत्र यहीं सच्चा आकिंचन है। इस अवसर पर श्री मंदिर जी में श्री जी का सामूहिक अभिषेक किय...