बिजनौर, अक्टूबर 4 -- Bijnor News: जिस डीएनए को अब तक जीवन की आनुवंशिक जानकारी को संजोकर रखने वाले अणु के रूप में जाना जाता रहा है, वहीं भविष्य में दुनिया के विशाल डिजिटल डेटा का भंडार भी बन सकता है। सैद्धांतिक रूप से डीएनए में इतनी अधिक मात्रा में सूचना को बेहद कम स्थान में संग्रहित किया जा सकता है कि भविष्य में पूरी दुनिया के डिजिटल आर्काइव को एक कॉफी मग जितनी जगह में समेटने की कल्पना की जा रही है। इसी तेजी से बदलती वैज्ञानिक दुनिया और जीनोमिक्स में हो रहे नवीनतम विकास से विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को रू-ब-रू कराने के उद्देश्य से विवेक यूनिवर्सिटी के माइक्रोबायोलॉजी एवं बायोटेक्नोलॉजी विभाग की ओर से मास्टर्स विद्यार्थियों एवं पीएचडी शोधार्थियों के लिए नवीनतम जीनोमिक्स एवं बायोइन्फॉर्मेटिक्स तकनीकों पर विशेष अतिथि व्याख्यान का आयोजन कि...